PM मोदी ने कांग्रेस को श्री लंका ‘कच्‍चतीवू द्वीप दे देने पर टिप्‍पणी की, जिससे मल्लिकार्जुन खडगे ने इस टिप्‍पणी पर पलटवार किया:

कांग्रेस अध्‍यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी भाजपा नेता ”केवल क्षेत्रीय अखंडता और राष्‍ट्रीय सुरक्षा के मद्दो के प्रति जागे हैं”। मल्लिकार्जुन खडगे ने भाजपा के नेत्रत्‍व वाले राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) शासन के दो कार्यकालें को ”कुशासन” करार देते हुए कहा , ”चुनाव ट्रिगर हैं। आपकी हताशा स्‍पष्‍ट है”।

खडगे ने माइक्रोब्‍लॉगिंग साइट एक्‍स पर अपने आरोपों के चार उदाहरण पेश किए। मल्लिकार्जुन खडगे ने पीएम मोदी के ”कुकरमों” का हवाला देते हुए पीएम से कांग्रेस पर ”मुग्‍धता” बंद करने का आग्रह किया।

पीएम मोदी ने एक्‍स पर एक पोस्‍ट में आरोप लगया है कि कांग्रेस ने कच्‍चाथीवू द्वीप को ”बेहद बेदर्दी से” श्रीलंका को दे दिया।

पीएम मोदी की की प्रतिक्रिया सूचना के अधिकार आरटीआई रिपोर्ट के बाद आई, जिसमें पता चला कि कैसे तत्‍कालीन प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने 1974 में कच्‍चाथीवू द्वीप श्रीलंका को सौंप दिया था। इससे हर भारीय नाराज है और लोगों के मन में यह बात फिर से बैठ गई है-‘ हम कभी भी कांग्रेस पर भरोसा नहीं कर सकते! भारत की एकता, अखंडता और हितों को कमजोर करना कांग्रेस का 75 वर्षों से काम करने और आगे बढने का तरीका रहा है, ” पीएम मोदी ने एक्‍स पर लिखा।

कांग्रेस अध्‍यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे ने पीएम मोदी के इस ट्वीट का जवाब दिया और कहा कि 1974 में भारत और बांग्‍लादेश के बीच भूमि सीमा समझौते के समान एक समझौते में, मैत्रीपूर्ण भाव के आधार पर , कच्‍चातिवू पर श्रीलंका के साथ एक समान पहल की गई थी।
तमिलनाडु में चुनाव की पूर्व संध्‍या पर, आप इस संवेदनशील मुद्दे को उठा रहे हैं, लेकिन आपकी ही सरकार के अटॉर्नी जनरल, श्री मुकुल रोहतगी ने 2014 सुप्रीम कोर्ट को निम्‍नलिखित बताया था।

1974 में एक समझौते के तहत कच्‍चातिवू श्रीलंका चला गया. आज इस वापस कैसे लिया जा है, यदि आप कच्‍चाथीवू को वापस चाहते हैं, तो आपको इसे वापस पाने के लिए युद्व में जाना होगा।”
प्रधानमंत्री जी, आपको बताना चाहिए कि क्‍या आपकी सरकार ने इस मुद्दे को हल करने और कच्‍चातिवु को आपस लेने के लिए कोई कदम उठाया? खडगे का ट्वीट पढा।

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